कितना मिलता है
- छोटे-सीमांत, महिला, SC/ST और पूर्वोत्तर/पहाड़ी राज्यों के किसान: 50%
- बाक़ी सभी किसान: 40%
- कस्टम हायरिंग सेंटर: परियोजना लागत का 40% (₹2.5 करोड़ तक की परियोजना)
- फ़ार्म मशीनरी बैंक: 80%, अधिकतम ₹24 लाख
- हर मशीन की एक अधिकतम सीमा है — अनुदान प्रतिशत और सीमा में जो कम हो, वही मिलता है
आवेदन के कदम
- राज्य के कृषि पोर्टल पर किसान पंजीकरण (आधार, बैंक खाता, ज़मीन के काग़ज़)
- आवेदन खिड़की खुलने पर मशीन चुनकर आवेदन या टोकन
- आवेदन ज़्यादा हों तो ऑनलाइन लॉटरी
- चयन के बाद सूचीबद्ध डीलर से तय समय में ख़रीद, बिल और फ़ोटो अपलोड
- अधिकारी की जाँच के बाद पैसा सीधे बैंक खाते में (DBT)
जिन गलतियों से अनुदान अटकता है
- चयन से पहले मशीन ख़रीद लेना
- ऐसे डीलर से ख़रीदना जो राज्य की सूची में नहीं है
- बिना परीक्षण रिपोर्ट (टेस्ट रिपोर्ट) वाली मशीन
- बैंक खाता आधार से न जुड़ा होना
- बिल पर मशीन का क्रमांक न होना
